दुनिया के सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी (Bitcoin) में इन दिनों लगातार गिरावट जारी है बीते पिछले दिन मंगलवार तक यह अपना कारोबार 90000 डॉलर के आस पास में कर रहा था जो अब पिछले 6 महीने के मुताबिक सबसे निचले स्तर पर आ गया है ।
अक्टूबर के हाई से 30% की गिरावट
बिटकॉइन साल 2024 के अक्टूबर महीने के मुताबिक ऑल-टाइम हाई 1,26,000 डॉलर से करीब 30% नीचे फिसल चुका है। हालांकि 2025 की शुरुआत में जबरदस्त रफ्तार से आगे बढ़ता हुआ दिखाई पड़ रहा था
जो अब लगातार कमजोर होने से बिटकॉइन का मार्केटकैप फिर से 2 ट्रिलियन डॉलर से नीचे आ गया है।
अक्टूबर में इसका रिकॉर्ड हाई: $1,26,000
वर्तमान स्तर: लगभग $90,000
कुल गिरावट: करीब 30%
ETF आउटफ्लो ने बढ़ाया दबाव
Giottus.com के CEO विक्रम सुब्बुराज ने कहा कि बिटकॉइन में गिरावट आने से डेरिवेटिव्स और एक्सचेंज-ट्रेडेड प्रोडक्ट्स (ETF) पर दबाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है
जिससे ETF से आउटफ्लो बढ़कर 815 मिलियन डॉलर पहुंच गया है, और सिर्फ इसी हफ्ते कुल ETF आउटफ्लो 2 अरब डॉलर को पार कर गया है।
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद घटी
सुब्बुराज ने बताया कि अमेरिका के मजबूत मैन्युफैक्चरिंग डेटा ने दिसंबर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को कम कर दिया है। इससे निवेशकों में सतर्कता बढ़ी है और अमेरिकी शटडाउन खत्म होने के बावजूद बिटकॉइन में बिकवाली जारी है।
Altcoins पर भी असर: Ethereum, Solana और XRP में भारी गिरावट
बिटकॉइन में गिरावट का असर दुनिया के और अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर भी पड़ा है | जिसमें
इथेरियम 3,000 डॉलर के नीचे चला गया
सोलाना इस हफ्ते 20% से अधिक नीचे
एक्सआरपी में करीब 16% गिरावट
कुल क्रिप्टो मार्केट कैप में भी साप्ताहिक आधार पर लगभग 6% की कमी दर्ज की गई है।
PI42 के सीईओ और सह-संस्थापक अविनाश शेखर ने कहा कि ETF आउटफ्लो, बड़े निवेशकों की शॉर्ट पोजिशन और मार्केट में घटती लिक्विडिटी ने इस नियमित गिरावट को एक तेज़ गिरावट में बदल दिया है।



