
जम्मू कश्मीर में ठंड की सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रही है । रविवार को पूरे केंद्र शासित प्रदेश में अधिक ठंड के कारण पूरा इलाका सूखी हुई नजर आई घाटियों में इन दिनों लगातार तापमान शून्य से भी नीचे पहुंची हुई है । दिन में धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है ।
कश्मीर में भीषण ठंड पर ने से श्रीनगर समेत कई इलाकों के जलाशय बर्फ में तब्दील हुई नजर आ रही है वहीं दूसरी तरफ राज्य के कई इलाके के कुछ जगहो नाले के पानी तो कहीं सड़क पर जमे हुए पानी नजर आ रही है ।
बीते शनिवार के रात को श्रीनगर का न्यूनतम तापमान माइनस 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि गुलमर्ग में पारा माइनस 6.2 डिग्री और पहलगाम में माइनस 7.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया।
वहीं जम्मू संभाग में भी ठंड का असर साफ दिखा। जम्मू शहर में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री, कटरा में 4.4, बटोटे में 3, बनिहाल में 7.1 और भद्रवाह में माइनस 2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में 20 जनवरी तक ठंड के आसार जारी रहेंगे जिससे मौसम शुष्क बना हुआ रहेगा फिलहाल अभी न्यूनतम और अधिकतम तापमान के बीच का अंतर घट गया है । शनिवार को श्रीनगर का अधिकतम तापमान 10.9 डिग्री और जम्मू में 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
लगातार सूखे हुए मौसम ने पेजल की आशंका बढ़ा दी है । जिससे आम लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है । हालांकि मौसम विभाग के अनुसार कश्मीर घाटी में इन जरूरतों के लिए ‘चिल्लई कलां’ के दौरान होने वाली भारी बर्फबारी बेहद अहम मानी जाती है।
ठंड के मौसम के दरमियान ठंड का यह दौर 40 दिनों का का सबसे ठंडा दौर आधे से ज्यादा बीत चुका है, लेकिन अब तक घाटी के मैदानी इलाकों में इस सर्दी की पहली बर्फबारी नहीं हुई है
चिल्लई कलां 30 जनवरी को समाप्त होगा। इसके बाद फरवरी और मार्च में होने वाली बर्फबारी का ज्यादा असर नहीं होता, क्योंकि वह जल्दी पिघल जाती है और पहाड़ों में बारहमासी जल स्रोतों को भरने में ज्यादा मददगार नहीं होती।
डॉक्टर ने बढ़ते हुए ठंड को देखकर लोगों से ठंड से बचने की सलाह दी है उन्होंने कहा कि सीने और दिल से जुड़ी बीमारियों के मामलों में फिर से बढ़ोतरी देखी जा रही है। जिन लोगों को पहले से ऐसी बीमारियां हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने और अत्यधिक ठंड के दौरान घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।


