जम्मू कश्मीर के सांबा जिले के इंटरनेशनल बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) और पाकिस्तानी घुसपैठियों के बीच मुठभेड़ हुआ जिसमें एक घुसपैठियों की मारे जाने की खबर सामने आई है । यह कार्रवाई BSF के द्वारा रामगढ़ सेक्टर के माजरा इलाके में किया गया जहां तीन पाकिस्तानी घुसपैठिए भारतीय सीमा में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे ।
इस घटना के जानकारी देते हुए भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि रविवार को रात बीएसएफ के जवानों ने संदिग्ध गतिविधियां देखी उसके बाद उन्होंने घुसपैठियों को वहीं रुकने के लिए चेतावनी दी लेकिन उसने अंधेरे का फायदा उठाते हुए भारतीय सीमा की ओर लगातार बढ़ते रहे उसके बाद जवानों ने
गोली चलाई, जिससे घुसपैठिए की मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना के बारे में जानकारी लेते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने अपना बयान जारी करते हुए बताया कि मारे गए पाकिस्तानी नागरिक का शव इंटरनेशनल बॉर्डर के पास पाकिस्तान की ओर पड़ा हुआ है। मामले की निगरानी की जा रही है और सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है।
हालांकि जम्मू कश्मीर के सांबा, कठुआ और जम्मू जिलों में करीब 240 किलोमीटर लंबी इंटरनेशनल बॉर्डर है, जिसकी सुरक्षा बीएसएफ करती है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी रेंजर्स तैनात रहते हैं। इसके अलावा केंद्र शासित प्रदेश में लगभग 740 किलोमीटर लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) भी है, जिसकी जिम्मेदारी भारतीय सेना के पास है।
इस इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती सीमा पार से आने वाले घुसपैठियों को रोकने और नशीली पदार्थ की सप्लाई पर रोक लगाने के लिए किया है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक पाकिस्तान इस इलाका में ड्रोन के जरिए हथियार और अन्य सामग्री भेजे जाने की घटनाएं सामने आती रही हैं।”
इस घटना के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसी इस इलाके में लगातार तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रही है । स्थानीय प्रशासन का यह मानना है कि ड्रग तस्करी और हवाला नेटवर्क से मिलने वाली फंडिंग का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में किया जाता है।



