
दिल्ली :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिति 2025 के बैठक में कहा कि भारत अब दुनिया के सबसे तेज आर्थिक प्रगति के रूप में उभर रहा है । उन्होंने बताया कि 2025 के दूसरी तिमाही में भारत के GDP में 8 % की बढ़ोतरी दर्ज की गई है ।
जबकि दूसरे देशों के मुताबिक वैश्विक स्तर पर वृद्धि दर करीब 3% और G7 देशों की औसत वृद्धि सिर्फ 1–1.5% रही। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज “उच्च विकास–न्यून मुद्रास्फीति” मॉडल प्रस्तुत कर रहा है, जिसे दुनिया बारीकी से देख रही है।
पूर्वी भारत, छोटे शहरों और युवाओं को विकास का केंद्र बनाने की तैयारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति का आधार देश की सामूहिक क्षमता और समाधान-उन्मुख सोच है। उन्होंने बताया कि सरकार का उद्देश्य उन क्षेत्रों को प्राथमिकता देने है । जिसकी संभावना कई वर्षों से अनदेखा किया जा रहा था ।
ताकि पूर्वी भारत और उत्तर पूर्व राज्यों के छोटे शहर में रहने वाले महिलाओं एवं युवाओं को अंतरिक्ष क्षेत्र जैसे उभरते सेक्टर की जानकारी मिल सके ।
GST, डायरेक्ट टैक्स और MSME सुधारों से नई आर्थिक संरचना
पीएम मोदी ने सभा के संबोधन में कहा कि 2025 कई आर्थिक मामलों के सुधार का वर्ष रहा है । जिस में जीएसटी की नई पीढ़ी का सिस्टम और डायरेक्ट टैक्स सिस्टम के ढांचे के बदलाव में अब 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री किया गया है ।
जिससे मध्यम वर्ग और युवा प्रोफेशनल्स को राहत मिली है। और MSME की नई परिभाषा ने हजारों छोटे व्यवसायों का अनुपालन बोझ कम किया है।
अंतरिक्ष तकनीक में तेजी से बढ़ती भारतीय कंपनियाँ
इसके साथ प्रधानमंत्री ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में बदलाव का भी जिक्र करते हुए कहा कि स्काई रूट जैसी भारतीय कंपनियां स्वदेशी रॉकेट का निर्माण कर भारत के निजी क्षेत्र की क्षमता को बढ़ा रही है ।
उन्होंने भारत के “Hindu rate of growth” जैसी पुरानी धारणाओं को भारत की क्षमता और आकलन कोकाम करनेवाला बताया ।
सोलर पावर, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और भरोसे-आधारित शासन के परिणाम
मोदी ने कहा कि भारत सोलर पावर ऊर्जा उत्पादन में लगातार तेजी से आगे बढ़ रहा है । 2014 तक भारत कि सौर क्षमता 3 गीगावाट थी जो बढ़ाकर अब 130 गीगावाट तक पहुंच गई है ।
मोबाइल उद्योग पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में 75% मोबाइल फोन आयात किए जाते थे, जबकि आज भारत लगभग पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।
मुद्रा योजना का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि अब तक 37 लाख करोड़ रुपये के बिना गारंटी वाले लोन बांटे गए हैं।
इसके अलावा, बैंक खातों में पड़े 78,000 करोड़ रुपये के निष्क्रिय धन को विशेष शिविरों के माध्यम से वास्तविक लाभार्थियों तक पहुँचाया गया है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में चूके अवसरों को दोहराने नहीं देगी सरकार
प्रधानमंत्री ने कहा पिछले अतीत के अनुसार भारत सेमीकंडक्टर चीफ के निर्माण के मामले में दूसरे देशों के ऊपर निर्भर था लेकिन अब हमारा देश उत्पादन और आत्मनिर्भरता के मामले को अंतर भरने के लिए प्रतिबंध है।
उन्होंने कहा कि “Transforming Tomorrow” सिर्फ सरकार की योजना नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से चलने वाला राष्ट्रीय मिशन है।


