प्रधानमंत्री मोदी G 20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग के नासरेक पहुंचे। जहां उनका स्वागत दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के द्वारा बहुत ही गर्म जोशी के साथ किया गया।
22–23 नवंबर को होगा सम्मेलन, कई वैश्विक नेता होंगे शामिल
यह दो दिवसीय जी20 समिट 22 और 23 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के कई देशों के प्रधानमंत्री शामिल होंगे पीएम मोदी भारतीय मानक समय के अनुसार दोपहर को वहाँ पहुंचे और उन्होंने कहा कि वो कई वैश्विक मुद्दों पर अन्य देश के नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए उत्सुक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने वहाँ पहुंचकर अपने सोशल मीडिया के X प्लेटफार्म पर पोस्ट करते हुए लिखा कि हमारा फोकस अन्य देशों के साथ सहयोग को मजबूत करना और विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाना और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर है ।
PM Modi और ऑस्ट्रेलियाई PM Albanese की मुलाकात, आतंकवाद पर कड़ा रुख
सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और पीएम मोदी की मुलाकात हुई जहां दोनों देशों के प्रधानमंत्री के बीच आतंकी हमले को लेकर विशेष चर्चा हुई ।
हाल ही के दिनों में ऑस्ट्रेलिया में आतंकवादी हमले हुए थे इसे लेकर दोनों देशों ने अपनी एकजुटता जताई वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए और अपनी सहभागिता जताते हुए राजनीतिक सुरक्षा ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, शिक्षा, महत्वपूर्ण मिनरल्स और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर दोनों पक्षों के बीच विशेष चर्चा हुई ।
अफ्रीका में पहला G20 सम्मेलन, पीएम मोदी का दौरा खास
इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी दक्षिण अफ्रीका के तीन बार आधिकारिक दौरे कर चुके हैं ।
2016 मैं इन्होंने पहली बार द्विपक्षीय दौरा किया और 2018 व 2023 के ब्रिक्स सम्मेलनों में भी शामिल हुए थे ।
अफ्रीका जाने से पहले पीएम मोदी ने अपनी यात्रा को खास बताते वह कहा कि अफ्रीका पहली बार इस सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है जिससे उनकी यात्रा बहुत ही खास है ।
भारत का दृष्टिकोण—‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य
आपको बता दे कि 2023 में G 20 कि अध्यक्षता भारत के द्वारा किया गया था जिसमें अफ्रीका को G 20 की सदस्यता मिली थी , यह वैश्विक सहयोग के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है । इस सम्मेलन को एकजुटता, समानता और स्थिरता’ के लिए रखी गई है।
पीएम मोदी ने कहा कि वे सम्मेलन में भारत की सोच— ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य’— के अनुरूप अपने विचार साझा करेंगे।
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