संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने दिव्यांग अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा कि यूपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में शामिल होने वाले दिव्यांग परीक्षात्री अपने पसंदीदा अनुसार परीक्षा केंद्र चुन सकते हैं।
आयोग ने बताया कि दिव्यांगजनों को परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अधिक सुलभ, सहज और सुविधाजनक बनाने के यह कदम उठाया गया है।
केंद्र की सीमित क्षमता के कारण दिव्यांग उम्मीदवारों को दूर या असुविधाजनक परीक्षा केंद्र चुनने के लिए मजबूर होना पड़ता था। अब इस समस्या का समाधान किया गया है।
इस व्यवस्था को लागू करने के लिए यूपीएससी की रणनीति
यूपीएससी ने इस फैसले को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए हैं—
- 1. सबसे पहले प्रत्येक परीक्षा केंद्र की निर्धारित क्षमता का उपयोग दिव्यांग और गैर-दिव्यांग दोनों प्रकार के उम्मीदवारों के लिए किया जाएगा।
- 2. एक बार जब किसी केंद्र की सामान्य क्षमता पूरी हो जाएगी, तो वह गैर-दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
- 3. हालांकि, दिव्यांग उम्मीदवार उस केंद्र को अपनी पसंद के रूप में चुन सकेंगे, भले ही सामान्य क्षमता पूरी हो चुकी हो।
- 4. ऐसी स्थिति में आयोग अतिरिक्त व्यवस्था कर उस केंद्र की क्षमता बढ़ाएगा, ताकि किसी भी दिव्यांग अभ्यर्थी को उसके पसंदीदा केंद्र से वंचित न किया जाए।
अधिक भीड़ वाले केंद्रों में आती थी परेशानी
यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार का कहना है कि पिछले पांच वर्षों के आंकड़े को देखने से पता चला है कि दिल्ली, पटना, लखनऊ, कटक जैसे कई प्रमुख परीक्षा केंद्र बहुत जल्दी भर जाते है। जिससे दिव्यांग उम्मीदवारों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था ।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से दिव्यांगजनों को काफी राहत मिलेगी और वे अपने सुविधा अनुसार परीक्षा केंद्र चुन सकेंगे।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए राहत भरा फैसला
यूपीएससी का यह कदम दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए अधिक सुविधा जनक बनाने के लिए लिया गया है । ताकि उन्हें यात्रा संबंधित कोई परेशानी ना हो और परीक्षा के दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर वातावरण भी मिलेगा।

