
केंद्र सरकार के 6G भारत मिशन के तहत (Bharat 6G Alliance – B6GA) के सात वर्किंग ग्रुप ने इस तिमाही की समीक्षा बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया की अध्यक्षता में मंगलवार को अपनी प्रगति रिपोर्ट और आगामी रोडमैप पेश किया।
बैठक में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि B6GA के सातो वर्किंग ग्रुप को टेक्नोलॉजी, स्पेक्ट्रम, डिवाइसेस, एप्लिकेशंस, सिक्योरिटी, स्टैंडर्डाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में विकास के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।
उन्होंने अपने विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर महीने ग्रुप की समीक्षा बैठक बुलाई जाए ताकि एक ग्रुप की उपलब्धि का लाभ अन्य ग्रुप को मिल सके।
स्पेक्ट्रम नीति होगी 6G रणनीति की रीढ़
सिंधिया ने स्पेक्ट्रम नीति के बारे में बताते हुए कहा कि 6G तकनीक में स्पेक्ट्रम नीति अहम भूमिका निभाएगी , जिससे भारत की स्पेक्ट्रम नीति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
भारत इससे पहले कई प्रमुख स्पेक्ट्रम बैंड्स के री-फार्मिंग की प्रक्रिया कर चुका है। उन्होंने कहा कि भारत को दीर्घकालिक राष्ट्रीय स्पेक्ट्रम नीति तैयार करने के लिए वैश्विक ट्रेंड्स को समझना जरूरी है।
डिवाइस निर्माण को लेकर बड़ी रणनीति
उन्होंने स्वदेशी डिवाइस निर्माण पर बात करते हुए कहा कि भारत जैसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश को ऐसी तकनीक की आवश्यकता है।
जिससे बड़े पैमाने पर कम लागत में डिवाइस निर्माण को किफायती और व्यापक बनाया जा सके। उन्होंने खास तौर पर स्टैंडर्डाइज्ड डिवाइस फ्रेमवर्क विकसित करने पर जोर दिया ।
उद्यमियों–इंडस्ट्री–एकेडमिया का त्रिकोण होगा महत्वपूर्ण
मंत्री सिंधिया ने कहा कि 6G की तकनीक अब भारत की स्वदेशी क्षमता के आधार पर निर्माण किया जाएगा । इसी के साथ उन्होंने देश के सभी उद्यमियों और शिक्षाविदों से साथ मिलकर नवाचार बढ़ाने की अपील की।
स्वदेशी तकनीक पर जोर
भारत अब 6G तकनीक मिशन के माध्यम से अपने बल पर आत्मनिर्भर बनने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपना स्वयं का 6G इकोसिस्टम खड़ा करने का लक्ष्य रखता है। ताकि B6GA का उद्देश्य 6G टेक्नोलॉजी के माध्यम से स्वदेशी डिजाइन, और विकास को बढ़ावा देना है।
स्पष्ट लक्ष्य और हर तीन महीने समीक्षा
मंत्री ने कहा कि इस मिशन के माध्यम से 6G तकनीक से जुड़े प्रमुख रिसर्चों की पहचान कर हर महीने समीक्षा बैठक की जाएगी। भारत का मकसद केवल ग्लोबल 6G स्टैंडर्ड्स को अपनाना नहीं, बल्कि उन्हें दिशा देना है।
अंत में उन्होंने कहा कि भारत आने वाले समय में उन्नत संचार तकनीक के मामले में वैश्विक नेतृत्व हासिल करते हुए दुनिया भर के लिए किफायती 5G और 6G उत्पादों का प्रमुख सप्लायर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


