नई दिल्ली :- केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने सोमवार को प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि देश में एलपीजी गैस की बुकिंग में कमी आई है जिससे आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है । मंत्रालय ने देश की आम जनता को भरोसा दिलाया कि कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।
मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए देश में कच्चा तेल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और रिफाइनरी कंपनी सुचारू रूप से अपना काम कर रही है । इससे बाजार में एलपीजी की खुदरा आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रालय की ओर से सभी रिफाइनरी कंपनियों को पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उसे सही समय पर नियमित रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सके।
जबकि औद्योगिक मांग का करीब 80 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। पीएनजी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अतिरिक्त एलपीजी आवंटन और नीतिगत सहयोग दिया है, जिसके चलते पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख नए घरेलू और व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन सक्रिय या जारी किए गए हैं।
भारत सरकार ने कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की उपलब्धता पर विशेष ध्यान देते हुए सभी राज्यों के मंत्रालय से अपील करते हुए कहा कि कुल आवंटन का 50% हिस्सा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों—जैसे होटल, रेस्टोरेंट, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और सामुदायिक रसोई—के लिए सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलोग्राम वाले सिलेंडर की उपलब्धता पर भी जोर दिया गया है।
गैस के कालाबाजारी को रोकने के लिए राज्यों के प्रशासन ने निगरानी तंत्र को मजबूत कर लिया है। अब तक 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में निगरानी व्यवस्था लागू की जा चुकी है। इसके अंतर्गत अभी तक 37 हजार से अधिक छापेमारी की गई है, 550 एफआईआर दर्ज हुई हैं और 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तेल कंपनियों की ओर से 234 लोगों पर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया हैं।
मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराकर एलपीजी की बुकिंग न करें और गैस का संतुलित उपयोग करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंचती रहे।